Archive for the ‘dohe’ Category
भर्तृहरि नीति शतक-धन की ऊष्मा से रहित मनुष्य क्या रह जाता है (heat of money-hindu sandesh)
Posted by: दीपक भारतदीप on October 29, 2009
भर्तृहरि नीति शतक: भक्ति को धंधा न समझें
Posted by: दीपक भारतदीप on June 25, 2009
संत कबीर वाणी-मूर्ख लोग सभी की पीड़ा एक समान नहीं मानते
Posted by: दीपक भारतदीप on May 31, 2009
संत कबीर वाणीः अच्छा खाने को मिले तो भी बेवकूफ की संगत न करें
Posted by: दीपक भारतदीप on May 12, 2009
संत कबीर संदेशः खोटी मनोवृत्ति के लोगों के सामने अपने रहस्य न खोलें
Posted by: दीपक भारतदीप on September 23, 2008
रहीम के दोहेःईश्वर का वर्णन कोई नहीं कर सकता
Posted by: दीपक भारतदीप on August 7, 2008
रहीम के दोहे:देता तो परमात्मा है किसी अन्य का भ्रम मत पालो
Posted by: दीपक भारतदीप on July 2, 2008
रहीम के दोहे:शरीर रुपी बाजार में मन बिक गया
Posted by: दीपक भारतदीप on June 30, 2008
संत कबीर वाणी:टोना-टोटका सब झूठ है
Posted by: दीपक भारतदीप on June 28, 2008
संत कबीर वाणी:प्रपंची गुरूओं से कोई लाभ नहीं
Posted by: दीपक भारतदीप on June 27, 2008
कबीर संदेशःअहंकार होता है पतन का कारण
Posted by: दीपक भारतदीप on May 24, 2008
वेलेंटाइन डे और भारतीय संस्कृति-hindi article
Posted by: दीपक भारतदीप on February 15, 2008
संत कबीर वाणी:मन का अहंकार नहीं छूट पाता
Posted by: दीपक भारतदीप on January 30, 2008
रहीम के दोहे:मांगने से सम्मान कम होता है
Posted by: दीपक भारतदीप on January 27, 2008
रहीम के दोहे:प्रेम-पथ पर बुद्धिहीन होकर मत चलो
Posted by: दीपक भारतदीप on January 26, 2008