Archive for the ‘bhruthari shatak’ Category
भर्तृहरि शतक-मनुष्य के लिए में स्वाभिमान जरूरी (jivan men svabhiman jaroori-hindi sandesh
Posted by: दीपक भारतदीप on July 21, 2009
भर्तृहरि नीति शतक: धनी दोस्त से धन और दुर्जन से दया कि याचना न करें
Posted by: दीपक भारतदीप on May 21, 2009
भर्तृहरि नीति शतक-भगवान ने दिया है मौन रहने का गुण
Posted by: दीपक भारतदीप on May 9, 2009
भर्तृहरि नीति शतक: कुत्ता हड्डी चबाते हुए इन्द्र देवता की परवाह नहीं करता
Posted by: दीपक भारतदीप on May 8, 2009
भृतहरि शतकःसज्जन की मित्रता पूर्वाद्ध की छाया के समान
Posted by: दीपक भारतदीप on July 26, 2008
भृतहरि शतकःमनुष्य इच्छा और आशा के कारण नाचता है
Posted by: दीपक भारतदीप on July 4, 2008
भृतहरि शतकःसंतोष से अमीर-गरीब समान हो जाते हैं
Posted by: दीपक भारतदीप on July 1, 2008
भृतहरि शतक:नौकर का धर्म निभाना होता है कठिन
Posted by: दीपक भारतदीप on June 20, 2008