Monthly Archives: अगस्त, 2011

ज़िंदगी के मोड़-हिन्दी शायरी

कभी रोकर कभी चीखकर हमने क्या पाया, जिंदगी के सफर में हर मोड़ पर मुस्कराये तो तकलीफों में अपने को हंसता पाया। —— हालतों का क्या कभी अच्छी कभी बुरी होती हैं, रोज ज़माना देखता है हमारे चेहरे की तस्वीर जो कभी हंसती कभी रोती है। क्यों करे जंग हंसाई अपने दिल के हाल बाहर [...]

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