Monthly Archives: जुलाई, 2011

भारतीय वेदशास्त्रों के अनुसार कालाधन त्यागना ही अच्छा-हिन्दी लेख और चिंतन (accordin indian ved shastra-black money not good for man)

          हर मनुष्य में स्वाभाविक रूप से यह ज्ञान रहता है कि कौनसा धन धर्म की कमाई है और कौनसा पाप की! दूसरा कोई आदमी यह नही बता सकता है आप पाप की कमाई कर रहे हो या नहीं उसी तरह किसी दूसरे को कहना भी नहीं चाहिये कि उसकी कमाई पाप की है। धन [...]

अमन और खूनखराबा-हिन्दी शायरी (amana aur khoonkharaba-hindi shayari)

वह बम फटाखे की तरह और बंदूक फुलझड़ी जैसे जलाएँ, हम श्रद्धांजलि के लिए मोमबती जलाकर सहानुभूति के रोते हुए गीत गायें। इस जहाँ में खून खराबे के सौदागरों के बाज़ार भी सजाते हैं, उनके कारिंदे भी अमन के चमन में फूलों की तरह सजते हैं, हालात ऐसे हैं कि हम इधर रह नहीं सकते [...]

भगवान श्रीविष्णु कर्म के प्रेरणा स्तोत्र-सामवेद से संदेश

             भगवान विष्णु कर्म और फल के प्रतीक भगवान माने जाते हैं। यही कारण है कि भगवान विष्णु तथा लक्ष्मी के अनेक अवतार समय समय पर हुए है। ब्रह्मा संसार के रचियता तो भगवार शिव संहारक और उद्धारकर्ता कहे गये हैं और भगवान नारायण को पालनहार माना गया है। ब्रह्मा और शिव का कोई अवतार [...]

जिम्मेदारी में कमीशन-हिन्दी कविता (jimmedar aur commision-hindi kavita)

जिम्मेदारी वह सारे समाज की यू ही नहीं उठाते, मिलता कमीशन, खरीदकर घर का सामान जुटाते। बह रही  दौलत की नदियां, उनके घर की ओर, दरियादिल दिखने के लिये, वह कुछ बूंदें भी लुटाते। न कहीं शिकायत होती, न करता कोई फरियाद भाग्य का तोहफा समझ सभी अपने हिस्से उठाते। लग चुकी है ज़ंग लोगों [...]

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