Monthly Archives: जनवरी, 2011

उनको सलाम नहीं किया था-हिन्दी शायरी (unko salam nahin kiya tha-hindi shayri)

यूं तो उठाया था बोझ हमने भी उनका सामान घर तक पहुंचाने का मगर उन्होंने दाम नहीं दिया था, उनकी नज़रें इनायत रही चमचों पर हमने पाई बेकद्री क्योंकि उनको सलाम नहीं किया था। ———— कौन कहता है कि प्यार करने से पत्थर भी पिघल जाता है, सच तो यह है कि कितना भी पुचकारो [...]

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