Monthly Archives: जून, 2010

हिन्दू अध्यात्म संदेश-यहां सभी लोग अभिनय करते हैं (all parson actor-hindu adhyatma sandesh)

अपने अनुभव के आधार पर भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ____________________________________________ क्षणं बालो भूत्वा क्षणमपि युवा कामरसिकः क्षणं वितैहीनः क्षणमपि च संपूर्णविभवः। जराजीर्णेंगर्नट इव वलीमण्डितततनुर्नरः संसारान्ते विशति यमधानीयवनिकाम्।। हिन्दी में भावार्थ-क्षण भर के लिये बालक, क्षणभर के लिये रसिया, क्षण भर में धनहीन और क्षणभर में संपूर्ण वैभवशाली होकर मनुष्य बुढ़ापे में जीर्णशीर्ण हालत में [...]

रहस्य-हिन्दी शायरी

दौलत, शौहरत और ताकत का नशा भले चंगे को रास्ते से भटका देता है, शिखर पर पहुंचे हैं जो दरियादिल उनसे जज़्बाती हमदर्दी का उम्मीद करना बेकार है, क्योंकि हो जाते हैं उनके सपने पूरे पर दर्द के अहसास मर जाते हैं। हाथ फैलायें खड़े हैं नीचे उनसे दया की आशा करने वाले कल यदि [...]

सच्ची मोहब्बत-हिन्दी शायरी (sachchi mohbbat-hindi shayari)

मोहब्बत और मोहब्बत में फर्क होता है, एक ढलती उम्र के साथ कम हो जाती है दूसरी मतलब निकलते ही खत्म हो जाती है। जिसमें रिश्ते निभाने की न मजबूरी हो, ऐसी उम्मीद न की जायें, जो न पूरी हों, दिल का सौदा दिल से हो तो भी पाक नहीं हो जाता, जिस्मानी लगाव मतलब [...]

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 50 other followers