Archive for May, 2009
संत कबीर वाणी-मूर्ख लोग सभी की पीड़ा एक समान नहीं मानते
Posted by: दीपक भारतदीप on May 31, 2009
कौटिल्य का अर्थशास्त्र-घमंड से शुरू काम की नाकामी से व्यर्थ का तनाव होता है
Posted by: दीपक भारतदीप on May 30, 2009
श्री गुरुवाणी-सत्संग से विचार निर्मल होते हैं
Posted by: दीपक भारतदीप on May 28, 2009
विदुर नीति-दुष्ट को अपना राज बताना खतरनाक
Posted by: दीपक भारतदीप on May 24, 2009
संत कबीर वाणी: राम में सच्ची श्रद्धा तनाव से मुक्त करती है
Posted by: दीपक भारतदीप on May 24, 2009
रहीम दास के दोहे-बुराई का नतीजा सामने जरूर आता है
Posted by: दीपक भारतदीप on May 22, 2009
भर्तृहरि नीति शतक: धनी दोस्त से धन और दुर्जन से दया कि याचना न करें
Posted by: दीपक भारतदीप on May 21, 2009
संत कबीर वाणी:मिल बाँट कर खाएं वही हैं वीर
Posted by: दीपक भारतदीप on May 20, 2009
संत कबीर वाणीः अच्छा खाने को मिले तो भी बेवकूफ की संगत न करें
Posted by: दीपक भारतदीप on May 12, 2009
मनुस्मृतिः हिंसा से कोई भी उद्देश्य पूरा नहीं होता
Posted by: दीपक भारतदीप on May 10, 2009
भर्तृहरि नीति शतक-भगवान ने दिया है मौन रहने का गुण
Posted by: दीपक भारतदीप on May 9, 2009
भर्तृहरि नीति शतक: कुत्ता हड्डी चबाते हुए इन्द्र देवता की परवाह नहीं करता
Posted by: दीपक भारतदीप on May 8, 2009
भर्तृहरि शतकः हंसों का मूल गुण परमात्मा भी नहीं छीन सकता
Posted by: दीपक भारतदीप on May 7, 2009
क्रिकेट मैच विद ब्लाग गासिप-हास्य व्यंग्य
Posted by: दीपक भारतदीप on May 6, 2009
रहीम दास के दोहे: पशु अपना हित करने वाला गुड़ कभी नहीं खाते
Posted by: दीपक भारतदीप on May 3, 2009
भर्तृहरि नीति शतक: जिनकी देह,मन और विचार में अमृत हो ऐसे लोग नगण्य
Posted by: दीपक भारतदीप on May 2, 2009